बेटी ने जिले का बढ़ाया मान
उमरिया। मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर उमरिया की बेटी राबिस्ता शाहीन ‘बिट्टू’ ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर परिवार के साथ जिले का नाम भी रोशन किया है। सोमवार को असिस्टेंट प्रोफेसर चयन की सूची जारी होते ही राबिस्ता के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
खास बात यह है कि राबिस्ता इन दिनों दिल्ली में आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। इसी बीच जारी हुई असिस्टेंट प्रोफेसर की चयन सूची में उनका नाम सामने आया और परिवार की खुशी दोगुनी हो गई।
फॉरेस्ट विभाग में क्लर्क के पद पर पदस्थ अनीस अहमद की पुत्री राबिस्ता ने अपनी प्राथमिक शिक्षा उमरिया से पूरी की। इसके बाद जबलपुर के सेंट एलोयसियस कॉलेज से बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की। शुरू से ही शिक्षा के प्रति गंभीर और मेधावी रहीं राबिस्ता ने बीकॉम और एमकॉम में गोल्ड मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद अब असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उनका चयन उनकी मेहनत और लगन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। राबिस्ता ने अपनी इस शानदार कामयाबी की। जानकारी दिल्ली से अपने पिता अनीस अहमद और माता कैशर जहाँ को दी। खबर मिलते ही परिजनों और शुभचिंतकों ने घर पहुंचकर उन्हें बधाई और मुबारकबाद दी।
परिवार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है कि एक ओर राबिस्ता दिल्ली में आईएएस बनने की तैयारी में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी शैक्षणिक प्रतिभा ने उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर के मुकाम तक पहुंचा दिया। राबिस्ता की यह उपलब्धि न केवल उनके माता-पिता और परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि उमरिया के लिए भी गौरव की बात है। छोटे शहर से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली राबिस्ता की सफलता जिले के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का विषय है। परिजनों और शुभचिंतकों ने राबिस्ता शाहीन को इस शानदार उपलब्धि पर दिली बधाई और मुबारकबाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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