पत्रकारों की सुरक्षा और राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण पोर्टल की मांग को मिला समर्थन - मंत्री डॉ अरुण कुमार ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
पत्रकारों की सुरक्षा और राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण पोर्टल की मांग को मिला समर्थन, मंत्री अरुण कुमार ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
बरेली से पत्रकारों के हित में उठी आवाज़, जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की पहल पर प्रधानमंत्री से उचित कार्रवाई का अनुरोध
पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देशभर के पत्रकारों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण पोर्टल स्थापित करने की मांग को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की पहल पर एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री अरुण कुमार ने संगठन के अनुरोध पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस विषय पर उचित कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है।
मंत्री डॉ. अरुण कुमार द्वारा 25 अक्टूबर 2026 को लिखे गए पत्र में जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना के उस पत्र का उल्लेख किया गया है, जिसमें पत्रकारों की सुरक्षा और राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण पोर्टल स्थापित किए जाने की आवश्यकता को विस्तार से उठाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से संलग्न पत्र का अवलोकन कर इस संबंध में समुचित आदेश देने का अनुरोध किया है।
इससे पहले भी जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना लगातार संगठन के माध्यम से पत्रकारों की सुरक्षा और राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की मांग उठाते रहे हैं। संगठन का मानना है कि पत्रकारों की पहचान और पंजीकरण के लिए एक व्यवस्थित राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल होने से पत्रकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता तथा समन्वय को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। साथ ही, पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
डॉ. अरुण कुमार का प्रधानमंत्री को पत्र लिखना इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब इस मांग पर केंद्र सरकार के स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर पत्रकारिता जगत की नजर रहेगी।
पत्रकारों की सुरक्षा क्यों जरूरी?
लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका जनता तक सूचनाएं पहुंचाने, जनसमस्याओं को सामने लाने और शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, उनके कार्य की स्वतंत्रता और उनकी पहचान से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की इस पहल से पत्रकारों की सुरक्षा और राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण पोर्टल का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया है। अब पत्रकारों को उम्मीद है कि इस मांग पर संबंधित स्तर पर सकारात्मक विचार-विमर्श होगा और आगे ठोस पहल की दिशा बनेगी।
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