मुदरिया रेल ट्रैक पर मिली लाश, फोर्ड कार मिली थी नोरोजाबाद स्टेशन में, रेल ट्रैक पर मिली लाश की हुई शिनाख्ती

मुदरिया रेल ट्रैक पर मिली लाश, फोर्ड कार मिली थी नोरोजाबाद स्टेशन में, रेल ट्रैक पर मिली लाश की हुई शिनाख्ती

आशीष हॉस्पिटल जबलपुर संचालक के पुत्र रहे है मृत आशीष 

उमरिया।  मुदरिया रेल ट्रैक के करींब 40 वर्षीय युवक की सन्दिग्ध परिस्थितियों में शुक्रवार को मिले शव की शिनाख्ती हो गई है, बताया जाता है कि मृत युवक आशीष हॉस्पिटल जबलपुर के मालिक डॉ एमपी गुप्ता के पुत्र आशीष उर्फ शिवकांत गुप्ता का शव है, जो पाली थाना अंतर्गत मुदरिया रेल ट्रैक के करींब मिला है।  इसके अलावा इनकी फोर्ड कार एमपी 20 सीजी 8758 नोरोजाबाद रेलवे स्टेशन के करींब मिली है, जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया है।  जिन परिस्थितियों में शव और इनका वाहन 15 किमी के अंतराल में मिला है, मामला पूरी तरह सन्दिग्ध प्रतीत होता है, हालांकि घटना की जानकारी पर पुलिस ने कल ही शव को कब्जे में ले लिया था और मर्ग कायमी कर पीएम आदि की कार्यवाही कर आज परिजनों को सौंप दिया है।

          सूत्रों की माने तो मृत आशीष उर्फ शिव कांत पिता एमपी गुप्ता उम्र करींब 40 वर्ष शव मिलने से दो दिनों पूर्व से ही लापता थे, जिनकी गुमशुदगी की शिकायत जबलपुर स्थित मदनमहल थाने में परिजनों ने दर्ज भी कराई है।  बताया जाता है कि लापता होने से पहले रोज की तरह मृत शिवकांत गुप्ता मॉर्निंग वॉक पर अपनी इसी जपत कार से निकले थे, देर रात तक जब वापस घर नही पहुंचे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद सम्बंधित मदनमहल थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। 

          इस मामले में यह भी बात मीडिया सूत्रों से मिल रही है कि लापता होने से पहले मृत शिवकांत गुप्ता ने मोबाइल को भी घर पर ही छोड़ दिया था, जिससे लापता होने के बाद भी उनके लोकेशन की जानकारी नही मिल सकी।  सवाल इस बात का है कि मृतक शिवकांत अपना निजी मोबाइल जानबूझकर घर पर छोड़ दिये थे या महज इत्तफाक था।  इस मामले की खबर पुलिस ने आशीष अस्पताल के संचालक एवम मृतक के पिता डॉ एमपी गुप्ता को दे दी है, जिसके बाद से ही परिवार जनों का रोरो कर बुरा हाल है, घटना की जानकारी पर परिजन पाली पहुंचे है और मृत चिकित्सक को जबलपुर स्थित पैतृक मकान ले जाने की तैयारी कर रहे है।

हाई प्रोफाइल मामले की जांच में जुटी पुलिस

          सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले की जांच मदनमहल थाना और पाली थाना के संयुक्त टीम के द्वारा किया जा सकता है।  इस मामले में क़ई बिंदुओं पर पुलिस जांच कर सकती है।  सबसे पहले तो लापता होने के बाद से ही मृतक कहा था और किन परिस्थितियों में मृतक घर से निकला था, तफ्तीश का मुख्य हिस्सा होगा।  इसके अलावा इस मामले में अपहरण और हत्या होने की संभावना से भी इंकार नही किया जा सकता, सम्भवतः पुलिस इस एंगल से भी इस पूरे मामले की जांच करेगी।