अवैध अतिक्रमण पकड़ी रफ़्तार
उमरिया। जिले भर में जारी अवैध अतिक्रमण पर क्या कुछ कार्यवाही की किरण जागी है यदि समय रहते प्रशासन अपनी जिम्मेदारी व स्वयं की जमीन को बचाने का प्रयास करे तो शायद ऐसी स्थिति निर्मित ही न हो इन वीडियो को देखकर यह समझा जा सकता है कि किस तरीके से भी माफियाओं के हौसले बुलंद है और जिले की बेस कीमती जमीन में कब्जा किया जा रहा है अगर प्रशासन अपनी बेस कीमती जमीन को ईमानदारी बचाने का प्रयास करती है तो कई राज भी सामने आएंगे मालुम चलेगा कि किस तरह से जमीन का गोरख धंधा जिले फल फूल रहा है।
जिले में राजस्व का जमीनी अमला ही अपनी जेब भरकर कर करा रहा शासकीय जमीनों में कब्जा -सूत्र
जिले के विकटगंज नाप तौल विभाग के पास लगभग दो से तीन एकड़ जमीन में अवैध कब्जा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है जबकि यह जमीन हॉस्टल के लिए संरक्षित की गई थी और यह सब जानकारी जमीनी अमले को भी है एक व्यक्ति जिले में कई कई जगह जमीन कब्जा कर अपने को दीन हीन बताते हुए इन कब्जे की जमीनों को बेचकर मोटी रकम ले रहा है जिले में यह एक ही स्थान नहीं है जहां पर अवैध कब्जा है।
उमरार नदी के किनारे नैगवा टोला रोड पर शासकीय कार्य में संलिप्त ठेकेदार ने ही कर रखा है कब्जा
उमरिया की जीवन दायिनी नदी उमरार नदी की स्थिति तो जल स्तर घटने से वैसे ही दयनीय है इसका सबसे ज्यादा लाभ ऐसे में जिम्मेदार ले रहे है जो कही न कही प्रशासनिक तंत्र से जुड़े हुए है लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन ठेकेदार का ऐसा रसूख है कि किसी में हिम्मत ही नहीं है ठेकेदार के अवैध कब्जे पर नज़र डाल सके शाम होते ही ऐसे कब्जे धारियों के यहां ताकतवर लोगों का जमावड़ा भी शुरू हो जाता है कुल मिलाकर जानकारी सभी को है पर कोई इतना साहस नहीं जुटा पा रहा है कि उमरार नदी के किनारे बढ़ रहे कब्जे को रोक सके *घघरी नाके में स्थित साईं कॉलोनी में भी तेजी से जारी है अवैध कब्जा* उमरिया के घघरी में स्थित साईं कॉलोनी में भी अवैध कब्जा जारी है यहां तो स्थितियां यहां तक है कि बाकायदे जेसीबी लगाकर शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा रहा है और इस कब्जे के लिए न जाने कितने डंपर मुरूम डाली जा चुकी और इस भूमि में देर रात जीसीसी लगाकर काम किया गया यह हिस्सा भी उमरार नदी का किनारा है इस बेस कीमती जमीन पर सड़क बनाकर भूमाफिया अपनी जमीन की कीमत बढ़ाकर बेचने के फिराक में है जबकि इसकी सूचना शासन को पूर्व से है लेकिन शासन क्यों खामोश है यह बड़ा सवाल है।
वन विकास निगम के जिम्मेदार भी अपनी जमीन बेच रहे इन कब्जे धारियों को
सूत्र बताते है कि उमरिया नगर में वन विकास निगम में अपने वनों को सुरक्षित करने व वनों के विकास की जिम्मेदारी जिनके कंधों में है अब साहब ने तंगी से निपटने का एक नायाब तरीका निकाल लिया है कलेक्टर बंगले के पीछे बने डंपिंग यार्ड के चारों तरफ लगी वनविकास की भूमि में इन साहब के इशारे पर कब्जा हो रहा है, इसके लिए साहब ने पहले से ही सबकुछ तय कर रखा है इस कब्जे में कुछ ऐसे कर्मचारी भी शामिल है जो अपने आप को बड़े साहब का करीबी बताकर बच जाते है आखिर कब तक उमरिया जिले को इस कब्जे के डंस से मुक्त किया जाएगा।
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