नेशनल लोक अदालत में 235 प्रकरणों का निराकरण, 52 लाख 36887 का एवार्ड पारित
उमरिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में वर्ष 2026 की प्रथम लोक अदालत एवं जन-जन तक न्याय सुलभ कराने के उद्देश्य की अवधारणा को साकार रूप प्रदान करने के लिए दिनांक 14.03.2026 को ए.डी.आर. सेंटर भवन, जिला न्यायालय परिसर उमरिया में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री प्रियदर्शन शर्मा की अध्यक्षता में एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उमरिया श्री मोहन डावर के सक्रिय सहयोग से नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु 10 खण्डपीठों का गठन किया गया, जिसमें 07 जिला न्यायालय उमरिया में, तहसील न्यायालय बिरसिंहपुर पाली में 02 तथा तहसील न्यायालय मानपुर में 01 खण्डपीठ गठित की गई।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्री प्रियदर्शन शर्मा द्वारा नां सरस्वती की छायाप्रति में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, श्री प्रियदर्शन शर्मा, श्री अरूण प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश / कुटुम्ब न्यायालय, श्री अहमद रजा, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश, श्री रामसहारे राज, नोडल अधिकारी/तृतीय अपर जिला न्यायाधीश, श्री दीपक कुमार अग्रवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीमती वीणा खलखो, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वरिष्ठ खण्ड, श्री मोहन डावर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उमरिया, श्री आशीष धुर्वे, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वरिष्ठ खण्ड, श्री सरफराज खान, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड, श्रीमती पल्लवी सिंह, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड, श्री पुष्पराज सिंह, अध्यक्ष अधिवक्ता, पैनल अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उमरिया के कर्मचारीगण एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे एवं उपस्थित समस्त जनों द्वारा अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया गया।
जिला न्यायालय उमरिया के अंतर्गत मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में से कुल-प्रकरण लोक अदालत में रैफर किये गये, जिनमें से 16 प्रकरणों में कुल 5 प्रकरण निराकृत हुये एवं राशि 1240000 /- रूपये का एवार्ड पारित किया गया। धारा 138 के अंतर्गत 90 रैफर प्रकरणों में से 22 प्रकरण निराकृत हुए तथा 9600/- राशि रूपये के एवार्ड पारित किये गये। न्यायालय में लंबित आपराधिक समनीय मामलों में 581 प्रकरण रखे गये, जिसमें 139 प्रकरणों का निराकरण हुआ। वैवाहिक प्रकरणों के निराकरण हेतु कुल 4 प्रकरण रखे गये, जिसमें से 1 प्रकरण को राजीनामा के माध्यम से निराकृत किया गया और कुल 431 लोग लाभांवित हुए। अन्य प्रकरणों में 121 प्रकरण रखे गये, जिसमें 31 प्रकरणों को निराकरण किया गया तथा 4000/- राशि रूपये का एवार्ड पारित किया गया। सिविल प्रकरणों में 91 प्रकरण रखे गये, जिसमें से 7 प्रकरण का निराकरण किया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर न्यायालय में लंबित प्रकरणों में 933 प्रकरण रखे गये, जिसमें से 235 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कुल राशि रूपये 5236587/- का एवार्ड पारित हुआ।
प्रीलिटिगेशन स्तर पर बैंक रिकवरी के 1567 प्रकरण में से 37 प्रकरण का निराकरण किया गया तथा 446200 राशि रूपये बैंकों जमा हुई, इसी प्रकार नगरपालिका के जलकर के 165 प्रकरणों में से 77 प्रकरण निराकृत हुए और 317000/- राशि रूपये की वसूली की गई।
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