कोयले पर पानी का खेल! नौरोजाबाद में वजन बढ़ाने की तरकीब पर उठे सवाल
उमरिया। जिले के नौरोजाबाद स्थित एसईसीएल कोल लोडिंग सेंटर एक बार फिर चर्चाओं में है। इस बार मामला कोयले की गुणवत्ता नहीं, बल्कि उसके वजन से जुड़ा है। सूत्रों की मानें तो यहां से शासकीय पावर प्लांट के लिए भेजे जाने वाले कोयले पर जरूरत से ज्यादा पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे उसका वजन कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा सके।
जानकार बताते हैं कि कोयले पर हल्का पानी डालना एक सामान्य प्रक्रिया है, ताकि परिवहन के दौरान उसमें आग न लगे और धूल कम उड़े। लेकिन नौरोजाबाद में यही प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इस नियम का दुरुपयोग करते हुए कोयले को जरूरत से ज्यादा भिगोया जा रहा है, जिससे रेक में लोड होने वाले कोयले का वजन बढ़ जाए और कागजों में ज्यादा सप्लाई दिख सके। *इस पूरे मामले में स्थानीय स्तर पर कार्यरत साइड इंचार्ज और सेल्स मैनेजर की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के इतनी बड़ी स्तर पर यह काम संभव नहीं है, लेकिन जिम्मेदारी तय करने के बजाय सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की जा रही है। *यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो इसका सीधा असर सरकारी खजाने और पावर प्लांट की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। अधिक नमी वाला कोयला न केवल ऊर्जा उत्पादन की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि मशीनों पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग खुलकर तो नहीं, लेकिन दबे स्वर में इस पानी वाले खेल की बात कर रहे हैं।
अब जरूरत है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। सवाल सिर्फ कोयले के वजन का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही का भी है।
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