उमड़ा सामाजिक एकता का सैलाब, OBC–SC–ST सम्मेलन ने जगाई अधिकार और सम्मान की नई चेतना*
उमरिया। मानपुर की धरती पर रविवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां अलग-अलग वर्गों की आवाजें एक मंच पर आकर एक ही स्वर में गूंज उठीं—एकता, सम्मान और अधिकार। OBC–SC–ST एकता एवं भाईचारा सम्मेलन ने न केवल भीड़ जुटाई, बल्कि लोगों के भीतर छिपी सामाजिक चेतना को भी झकझोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बघेसुर बाबा बिजौरी तिराहा से निकली विशाल शोभायात्रा रैली से हुई। बाजार की सड़कों पर जब यह रैली आगे बढ़ी, तो हर कदम पर लोगों की उत्सुकता और जुड़ाव साफ नजर आया। यह रैली जब स्टेडियम पहुंची, तो वह जनसैलाब में बदल चुकी थी—एक ऐसा जनसैलाब, जो अपने हक और पहचान के प्रति जागरूक दिखा।
सभा स्थल पर बौद्ध आचार्य रामकेश राय द्वारा कराई गई पूजा-वंदना ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया, मानो आने वाली पीढ़ी खुद इस एकता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रही हो। मंच से जब संविधान का वाचन हुआ, तो हर शब्द जैसे सीधे दिलों में उतरता चला गया। अतिथियों ने OBC, SC और ST समाज के बीच मजबूत एकता और भाईचारे का संकल्प लेते हुए कहा कि अधिकार सिर्फ मांगने से नहीं, बल्कि संगठित होकर खड़े होने से मिलते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं जबलपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता वैभव सिंह लोधी, बृजेंद्र सिंह यादव, विष्णुकांत कुशवाहा (रीवा), रामसरोवर कुशवाहा (कटनी), राधेश्याम काकोड़िया, प्रदीप सिंह कुशवाहा (जिला प्रभारी), महासभा के जिला अध्यक्ष बालक दास पटेल, इंजी. विजय कोल, रोशनी सिंह, राममिलन कुशवाहा सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जिन्होंने अपने विचारों से लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया।
यह पूरा आयोजन ओबीसी SC ST अधिकार संघर्ष समिति मानपुर के नेतृत्व में हुआ, जिसने यह साबित कर दिया कि जब समाज जागता है, तो बदलाव की शुरुआत खुद-ब-खुद हो जाती है। मानपुर का यह सम्मेलन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसी आवाज बनकर उभरा, जो आने वाले समय में सामाजिक न्याय और बराबरी की दिशा तय कर सकती है।
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