शासकीय महाविद्यालय में “ईंधन बचाओ–पर्यावरण बचाओ” अभियान अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न
उमरिया। वर्तमान ऊर्जा संकट को दृष्टिगत रखते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान तथा जिला कलेक्टर कार्यालय उमरिया द्वारा प्राप्त निर्देशों के तारतम्य में शासकीय महाविद्यालय बिरसिंहपुर पाली में “ईंधन बचाओ–पर्यावरण बचाओ” अभियान के अंतर्गत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरलाल अहिरवार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्राचार्य डॉ. हरलाल अहिरवार ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। ऐसे समय में ईंधन संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटी-छोटी आदतों में परिवर्तन कर ऊर्जा संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग कम करना, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, विद्युत उपकरणों का संयमित उपयोग तथा वृक्षारोपण जैसे कार्य पर्यावरण संरक्षण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
डॉ. जेपीएस चौहान ने कहा कि जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग पृथ्वी के तापमान में वृद्धि का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। पेट्रोल, डीजल एवं कोयले के अत्यधिक उपयोग से वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ गंभीर होती जा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा तथा जैविक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. मंसूर अली ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस या अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं समाज को भी ईंधन बचत एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करें। डॉ अली ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यदि युवा वर्ग संकल्प ले ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ नरेश शुक्ला, डॉ ऋतु सेन, डॉ मनीषा अग्रवाल, डॉ जयंती पयासी, डॉ त्रिभुवन गिरि, डॉ शिवराज सिंह, बालेन्द्र यादव आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
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