महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
मंदिरों सहित जगह - जगह हुआ भंडारा
उमरिया। महाशिवरात्रि को लेकर पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। हर-हर महादेव के जयकारे से शिव मंदिर और शिवालय गूंज उठे वहीं शिवालयों में पूजा को लेकर श्रद्धालुओं की श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ देखी गयी। आज महाशिवरात्रि के अवसर पर शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी धूमधाम से शिव पार्वती विवाह महोत्सव मनाया।
ज्ञात हो कि महाशिवरात्रि हिंदू धर्म को मानने वालों का प्रमुख धार्मिक त्यौहार है।यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। आज रविवार को जिला सहित समूचे शहर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धाभक्ति व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यालय स्थित श्री सागरेश्वरनाथ सगरा मन्दिर, मढ़ीवाह शिव मंदिर, उमलेश्वरनाथ शिव मंदिर बहरा धाम, शिवशक्ति धाम, पिपलेश्वरधाम शिव मंदिर सहित भोलेनाथ की मंदिरों में प्रातःकाल से ही भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की गई। शहर के सगरा मन्दिर में सुबह से ही महादेव के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। पूजा अर्चना के दौरान भोलेनाथ के चरणों मे बेलपत्र, फल फूल, मिष्ठान, विभिन्न प्रकार के पकवान व श्रीफल अर्पित कर मनोकामना पूर्ण करने आराधना की गई। पर्व के अवसर पर शहर के मंदिरों में अनेकों धार्मिक अनुष्ठान सम्पादित किये गए। इसके अलावा मंदिरों सहित प्रमुख स्थलों पर विशेष प्रकार का भंडारा प्रसाद का वितरण किया गया जिसमें लोगो ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और पुण्यलाभ अर्जित किया। ज्ञात हो कि शिव मंदिरों में देर रात तक भक्तों ने पूजा अर्चना की।
नंदी में सवार भगवान भोलेनाथ की निकली बारात
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव भक्तों द्वारा स्थानीय शिवशक्ति धाम से सायंकाल भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली गई। भगवान शिव की बारात में विभिन्न प्रकार की मनमोहक झांकी सजाई गई थी। जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गांधी चौक, जयस्तंभ चौक, रेल्वे स्टेशन चौक से सगरा मन्दिर पहुँची। जहां श्रद्धाभक्ति व धूमधाम से भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न कराया गया। ज्ञात हो कि भगवान भोलेनाथ की बारात में महादेव जी के भक्तों ने अनेक रूप धारण कर भारी संख्या में लोग शामिल हुए। शहर के नागरिकों द्वारा जगह- जगह बारात का स्वागत किया गया । वही शंकर भगवान की पूजा अर्चना व आरती करने और भोलेनाथ के जयकारों के साथ पुष्प वर्षा भक्तों द्वारा की गई।
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