अमलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर निकली भव्य शिव बारात, गूंजे हर हर महादेव के जयकारे

Feb 15, 2026 - 20:32
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अमलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर निकली भव्य शिव बारात, गूंजे हर हर महादेव के जयकारे

महाशिवरात्रि विशेष : दूल्हा बनेंगे भोले, भूत प्रेत, होंगे बाराती

उमरिया /घुलघुली।  उमरिया जिले एवं डिंडोरी जिले के बीच स्थित में अमोल आश्रम धाम स्थित है बिगत वषों की भांति इस वर्ष महाशिवरात्रि पावन अवसर पर 9 फरवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक श्री विष्णु महायज्ञ एवं संगीतमय श्री विष्णु महापुराण कथा का आयोजन किया गया है, तेरह फरबरी से रामलीला का भी आयोजन किया गया , यह रामलीला 16 फरवरी तक चलेगा, वहीं चल रहे कथा श्रीकृष्ण,सुदामा चरित्र भी वर्णन कथा व्यास पंडित श्री भरत मिश्र जी द्वारा किया गया,, एवं तत्पश्चात 3-50 से श्री विष्णु महायज्ञ, हवन, विधि विधान से पूजा अर्चना कराया जा रहा है।

          15 फरवरी को सुबह 11-50 पर पंच दशा नाम जूना अखाड़े का ध्वजारोहण श्री श्री 1008 श्री भगत गिरी ( बच्चू महाराज)महाराज द्वारा ध्वजा रोहण, किया गया। विष्णु महायज्ञ एवं विष्णु महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है विष्णु महायज्ञ एवं विष्णु महापुराण कथा पूर्णाहुति के बाद कन्या भोज ब्राह्मण भोज के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

 दो दिन किया जायेगा मेले का आयोजन

          महाशिवरात्रि पावन अवसर पर अमलेश्वर धाम में सांयकालीन भोलेनाथ की भव्य बारात धूमधाम से निकल गई । यह प्राचीन कैलाश गुफा से गाजे -बाजे ,ढोल -नगाड़ों ,और नाचते गाते श्रद्धालुओं के साथ शिवजी की बारात भ्रमण कर निकली, बारात में देवी देवताओं भूत प्रेतों के बेस में भक्त शामिल हुए,जिसने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया। यह बारात चलकर यज्ञ शाला पहुंची । वहां भगवान भोलेनाथ के साथ मां पार्वती, मां गंगा सहित अन्य देवी देवताओं के जीवंत दर्शन किया गया और झांकियां अद्भुत आकर्षण का केंद्र रही,, साथ ही भूत प्रेत नंदी बाबा भक्तों का मनमोहन लिया, और अमलेश्वर धाम के संत श्री रतन गिरी महाराज जी, सानिध्य में संत महात्माओं द्वारा बारात में दूर-दराज से आए हुए संत महात्माओं ने तांडव नृत्य किया,और वहीं पधारकर शिव विवाह विधिवत वेद मंत्रों से उच्चारण कर शिव पार्वती का विवाह संपन्न कराया गया। वही दूल्हे गीत पर जयमाला व नृत्य, गंगा नृत्य, रावण द्वारा शिव की स्तुति नृत्य के माध्यम से देखने को मिलेगा जो कि शेष आकर्षण का केंद्र रहा।

          तत्पश्चात वही महाशिवरात्रि पवन अवसर पर भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया गया, जहां भक्त दूध, दही, शहद और चंदन विधिवत वेद मंत्रों से उच्चारण कर अभिषेक कराया।  इसके बाद महाराज जी द्वारा अमृतमयी वाणी से आए हुए अमोल आश्रम धाम में भक्त जनों को आशीर्वाद स्वरूप दिया और वहीं हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु ''हर हर महादेव ''के जयकारे लगाते हुए बारात में शामिल हुए। इस अवसर पर पूरा अमृतसर धाम शिव भक्ति के रंग में डूबा नजर आया।।

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