मोहन यादव सरकार का झूठ और जनता पर करों का बोझ; जनता को लूटने की साज़िश जारी : जीतू पटवारी

मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। बजट सत्र में मुख्यमंत्री ने बड़े गर्व से दावा किया था कि “कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है, बजट में कोई टैक्स नहीं बढ़ाया गया है।” लेकिन 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाली हकीकत उनके इस झूठ को बेनकाब करती है। यह सरकार न केवल जनता को गुमराह कर रही है, बल्कि गरीबों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने की साजिश रच रही है।
हकीकत यह है कि 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी की गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है, जिससे पंजीयन शुल्क और जीएसटी में भारी वृद्धि होगी। इसका सीधा असर गरीबों पर पड़ेगा, जो अब छोटे प्लॉट भी नहीं खरीद पाएंगे। सरकार की 2 लाख रुपये की सब्सिडी का ढोंग भी बेकार हो जाएगा, क्योंकि बढ़े हुए शुल्क के कारण गरीब इसका लाभ नहीं उठा सकेंगे। इतना ही नहीं, प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से नगर निगम के संपत्ति कर, सफाई कर, प्रकाश कर और जल कर में भी भारी बढ़ोतरी होगी। क्या यह जनता को लूटने की खुली छूट नहीं है? *इसके साथ ही, 1 अप्रैल से बिजली की दरों में 3.5% की वृद्धि होने जा रही है। बिजली स्लैब बदलने से गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली बिल आसमान छूएंगे। प्रमुख मार्गों पर टोल टैक्स भी बढ़ेगा, जिससे आम नागरिकों और व्यवसायियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कई अन्य वस्तुओं और सेवाओं पर भी टैक्स बढ़ने की तैयारी है। फिर मुख्यमंत्री किस आधार पर दावा कर रहे हैं कि कोई वित्तीय बोझ नहीं बढ़ाया गया? क्या यह जनता के साथ धोखा नहीं है?
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी इस दोहरे चरित्र वाली सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करती है। मोहन यादव सरकार तकनीकी बहानों के पीछे छिपकर यह कह सकती है कि ये वृद्धियाँ बजट का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पर हर तरफ से करों की मार पड़ रही है। यह सरकार न तो पारदर्शी है और न ही जवाबदेह। मुख्यमंत्री को बताना होगा कि जब हर चीज महंगी हो रही है, तो वे “नया टैक्स नहीं” का ढोल क्यों पीट रहे हैं? क्या यह जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश नहीं है? हम मोहन यादव सरकार से मांग करते हैं:
1 प्रॉपर्टी गाइडलाइन, बिजली दरों और टोल टैक्स में वृद्धि के इस जनविरोधी निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।
2 जनता को गुमराह करने वाले बयानों पर मुख्यमंत्री माफी मांगें और स्थिति स्पष्ट करें।
3 गरीबों और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी इस लूट और झूठ के खिलाफ जनता के साथ खड़ी है। हम इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएंगे और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाएंगे। मोहन यादव सरकार को चेतावनी है कि जनता अब उनके झूठ और साजिशों को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह सरकार या तो जनहित में काम करे, वरना सत्ता से बेदखल होने के लिए तैयार रहे।
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