धनुष टूटते ही गूंजे जय श्री राम के जयकारे, लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने बांधा समां
उमरिया। नगर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बहराधाम मे विगत 06 अक्टूबर 2026 को श्री रामलीला का शुभारंभ किया गया। श्री रघुराज मानस कला मंदिर के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय सिंह विधि -विधान पूर्वक भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर 18 दिनो तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन किया था। रामलीला के छठवें दिन धनुष भंग व लक्ष्मण परशुराम संवाद के प्रसंगों का मंचन किया गया।
ज्ञात हो कि इस वर्ष श्री राधा रस रासेश्वरी राधे- राधे रामलीला मंडल वृन्दावन उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा भगवान की लीलाओं का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है जिसमें भारी संख्या में लोग पहुँचकर श्री रामलीला के मंचन का लाभ ले रहे है। बहराधाम रामलीला मैदान में श्री रामलीला मंचन के दौरान रविवार को धनुष भंग एवं लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला दिखाई गई। जिसमें प्रसंग के अनुसार महाराजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर के लिए प्रतिज्ञा की कि जो भी राजा शिव धनुष पर चाप चढ़ाएगा उसी के साथ पुत्री सीता का स्वयंवर होगा। इस बात को सुनकर अनेक राजाओं ने स्वयंवर में भाग लिया और राजा-महाराजा भगवान शिव के धनुष को उठाने में असफल रहे। स्वयंवर में सभी राजाओं ने अपनी ओर से जोर आजमाइश की परंतु किसी ने भी धनुष तो उठाना दूर उसे हिला भी नहीं सके। निराश होकर सभी राजा वापस लौट पड़े। जिसपर राजा जनक चिंतित होकर कहा कि यह पृथ्वी वीरों से खाली है यह बात सुनकर सभा में बैठे लक्ष्मण क्रोधित हुए। परंतु मुनि विश्वामित्र ने उन्हें शांत कर भगवान श्री राम को राजा जनक के संताप को दूर करने के लिए आज्ञा प्रदान की। जिस पर भगवान श्रीराम ने शिव धनुष को तिनके की तरह उठाकर उसका भंजन कर डाला। वहीं धनुष टूटते ही रामलीला मैदान जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान माता सीता ने भगवान श्री राम क़ो वरमाला पहनाया। रामलीला मंचन में धनुष भंग की सूचना पर भगवान परशुराम के आगमन और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लक्ष्मण के ओजस्वी और व्यंग्यपूर्ण संवादों तथा परशुराम के क्रोधपूर्ण अभिनय ने मंच पर रोमांचक वातावरण निर्मित कर दिया। दोनों पात्रों के बीच हुए संवादों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। श्री रामलीला के इस प्रसंग ने दर्शकों को धर्म, मर्यादा, विनम्रता और वीरता का संदेश दिया।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अच्छा खासा उत्साह देखने को मिला ।ज्ञात हो कि नगर मे श्री रामलीला के आयोजन का यह 126 वां वर्ष है। श्री रघुराज मानस कला मंदिर के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय सिंह ने जिलेवासियों से इस महान धार्मिक कार्यक्रम मे ईष्ट-मित्रों व परिजनो सहित पहुंच कर पुण्यलाभ लेने का आग्रह किया है।
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