राजो मालवीय के नेतृत्व में 3 से 10 अगस्त तक निकलेगी जटाशंकर कावड़ यात्रा
नर्मदापुरम। सावन मास की पावन बेला में भगवान भोलेनाथ की आराधना एवं माँ नर्मदा की महिमा को समर्पित श्री जटाशंकर कावड़ यात्रा 2026 की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। नर्मदापुरम की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल यह ऐतिहासिक यात्रा 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित होगी। आयोजन समिति की प्रमुख सुश्री राजो मालवीय ने समस्त शिवभक्तों, मातृशक्ति, युवाओं एवं क्षेत्रवासियों से इस भव्य धार्मिक आयोजन में परिवार सहित सहभागी बनने का आग्रह किया है।
उन्होंने बताया कि आयोजन का शुभारंभ 2 अगस्त 2026 को सायं 4:00 बजे पावन सेठानी घाट, नर्मदापुरम पर माँ नर्मदा चुनरी महोत्सव एवं दीपदान के साथ होगा। श्रद्धालु माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन, चुनरी अर्पण एवं दीपदान कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की मंगलकामना करेंगे।
इसके पश्चात 3 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे सेठानी घाट से भव्य श्री जटाशंकर कावड़ यात्रा प्रारंभ होगी। शिवभक्त माँ नर्मदा का पवित्र जल कावड़ में लेकर "बोल बम" एवं "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ पदयात्रा करते हुए श्री जटाशंकर महादेव मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे। यात्रा का समापन 10 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे श्री जटाशंकर महादेव मंदिर में भगवान शिव के पावन जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन-अर्चन के साथ होगा।
राजो मालवीय ने कहा कि नर्मदापुरम की जटाशंकर कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा, श्रद्धा, अनुशासन, सामाजिक समरसता एवं लोककल्याण का जीवंत प्रतीक है। वर्षों से यह यात्रा माँ नर्मदा की कृपा एवं भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से हजारों श्रद्धालुओं को आस्था के सूत्र में जोड़ती आ रही है। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
उन्होंने कहा कि आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा, विश्राम, प्रसादी सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक गरिमा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने तथा प्रशासन एवं स्वयंसेवकों के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की गई है।
राजो मालवीय, पंडित दिनेश तिवारी, यात्रा संयोजक गोविंद दुबे, दुबे, महामंत्री गजेंद्र मालवीय ने समस्त शिवभक्तों से आह्वान करते हुए कहा कि सावन के इस पावन अवसर पर माँ नर्मदा एवं भगवान भोलेनाथ की आराधना में सहभागी बनें तथा धर्म, संस्कृति और सेवा के इस महाआयोजन को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें।
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