बांधवगढ़ में 'भारत राज पत्र' के नियमों की अनदेखी, पार्क सीमा से सटकर निर्माणाधीन आधा सैकड़ा होटल सवालों के घेरे में
वन और राजस्व विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
उमरिया। यश भारत बांधवगढ़ क्षेत्र में टाईगर रिजर्व की सीमा से लगे इलाकों में होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि भारत राजपत्र में निर्धारित नियमों और प्रावधानों की अनदेखी करते हुए पार्क की बाउंड्री के आसपास करीब आधा सैकड़ा होटल संचालित अथवा निर्मित किए जा रहे हैं। इनमें से कई निर्माणों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंचों द्वारा जारी प्रमाण पत्रों का सहारा लिया गया है।
नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निर्माण पार्क सीमा से एक किलोमीटर या उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में हो रहे हैं, तो क्या इनके लिए सभी आवश्यक विभागीय अनुमतियां और पर्यावरणीय प्रावधानों का पालन किया गया है? ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल पंचायत स्तर के प्रमाण पत्र के आधार पर इतने बड़े व्यावसायिक निर्माणों को वैध नहीं माना जा सकता। इसके लिए संबंधित वन, राजस्व, पंचायत और अन्य सक्षम विभागों से आवश्यक अनुमति की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
कार्रवाई को लेकर बच रहा वन और राजस्व विभाग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे होटल निर्माण पर संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। वन एवं राजस्व विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण नियमों के अनुरूप हैं तो विभागों को अनुमति और दस्तावेज सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बांधवगढ़ की जैव विविधता और पर्यटन महत्व को देखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या फिर मामला कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाता है।
इनका कहना है-
पार्क सीमा के आस पास राजस्व में जहां भी अवैध निर्माण हो रहें है।हमारे रेंजरों ने प्रतिवेदन बना कर एस डी एम कार्यालय को पहुंचा दिया है। राजस्व में हो रहे नव निर्माण पर कार्रवाई की जिम्मेदारी राजस्व की है। -योहान कटारा, डिप्टी डायरेक्टर बांधवगढ़।
इनका कहना है-
निर्माणाधीन होटलों का मामला हमारे संज्ञान में आया है। हमनें निर्माण हो रहें कई होटलों की अनुमति मांगी है। लेकिन होटल मालिकों द्वारा अनुमति प्रदाय नहीं की गई है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर साहब को भेज दिया गया है। वहां से जो आदेश होगा उसका पालन किया जायेगा। -हरनीत कौर कलसी, एस डी एम मानपुर।
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