करोड़ों की सड़क बनी खतरे की सड़क
करोड़ों की सड़क वेंटिलेटर पर
नरसिंहपुर/गोटेगांव:- बेहतर बुनियादी ढांचे और सुगम यातायात के सरकारी दावों की पोल गोटेगांव से नरसिंहपुर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर खुलती नजर आ रही है। करोड़ों की लागत से तैयार इस नवनिर्मित मार्ग का अभी विधिवत उद्घाटन भी नहीं हो पाया है और डामर उखड़ने के साथ ही सड़क की धज्जियां उड़नी शुरू हो गई हैं।
गोटेगांव से सांकल, धमना, मालह पिपरिया, नयागांव और बाली तक का सफर अब राहगीरों के लिए जोखिमभरा साबित हो रहा है। जगह-जगह डामर उखड़ चुका है और सड़क पर नुकीली गिट्टियां उभर आई हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग खतरनाक बन गया है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सबसे बड़ा सवाल झामर के पास हाल ही में निर्मित नई पुलिया ने खड़ा किया है, जो एक तरफ से बुरी तरह धंस गई है। पुलिया धंसने के कारण सड़क पर बना गहरा गड्ढा रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के लिए बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
सांकल-धमना मार्ग पर डामर कम और गिट्टियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं, वहीं मालह पिपरिया से नयागांव के बीच सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं। बाली के पास सड़क किनारे की मिट्टी धंसने से मार्ग संकरा हो गया है, जिससे भारी वाहनों के आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में ठेकेदार और संबंधित विभाग की मिलीभगत से घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनसुविधा शून्य है। क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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