परिश्रम का मिला प्रतिफल, राहुल सोंधिया बने माध्यमिक शिक्षक, युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
उमरिया। कहते हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और धैर्य कभी न छोड़ा जाए, तो मंजिल दूर नहीं रहती। इस कहावत को सच कर दिखाया है उमरिया के प्रतिभाशाली युवा राहुल सोंधिया ने। वर्षों की कठिन साधना, निरंतर अध्ययन और शासकीय सेवा में योगदान देने के संकल्प का सुखद परिणाम उन्हें तब मिला, जब उनकी पदस्थापना पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोरहा में माध्यमिक शिक्षक (संगीत) के रूप में हुई। उनकी सफलता आज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण बन गई है राहुल ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक साथ तीन प्रतिष्ठित परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर उमरिया का नाम गौरवान्वित किया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा में संगीत विषय से प्रदेश में 5वाँ स्थान, प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में प्रदेश में 10वीं रैंक तथा यूजीसी नेट (संगीत) में 98.37 परसेंटाइल के साथ अखिल भारतीय स्तर पर 74वीं रैंक प्राप्त की।
यह उपलब्धि बताती है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुओं, माता-पिता श्री शम्भू शंकर सोंधिया, श्रीमती रेखा सोंधिया तथा नानी स्व. प्रेमवती वर्मा को दिया। उन्होंने संगीत की शिक्षा शासकीय संगीत महाविद्यालय, इंदौर से प्राप्त की, जहाँ उन्हें प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका श्रीमती तृप्ति कुलकर्णी और शास्त्रीय गायक पंडित सुनील मासूरकर का मार्गदर्शन मिला। राहुल की इस उपलब्धि पर जिलेभर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता युवाओं को यह संदेश देती है कि सपने तभी पूरे होते हैं, जब उनके लिए लगातार मेहनत की जाए। सच्चे परिश्रम और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
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