फिर बिक रहा 'मौत का सिरप'..!, 9 महीने से ड्रग इंस्पेक्टर नदारद
छिंदवाड़ा कांड से भी नहीं लिया सबक
उमरिया। छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया था, सरकार ने सख्त आदेश दिए थे कि बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी मेडिकल स्टोर सिरप या शेड्यूल-H1 की दवाई नहीं बेचेगा, लेकिन उमरिया जिले में हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए हैं। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि उमरिया जिले का प्रभार देख रहीं औषधि निरीक्षक मैडम पिछले 9 महीने से जिले से गायब हैं। बताया जा रहा है कि वे मूल पदस्थापना सतना में हैं और वहीं से सेवाएं दे रही हैं। नतीजा यह है कि उमरिया में मेडिकल स्टोर की जांच करने वाला कोई नहीं है।
मेडिकल स्टोर वाले बने 'डॉक्टर'
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई मेडिकल स्टोर पर खुलेआम बिना पर्ची के कफ सिरप, एंटीबायोटिक और दर्द की दवाइयां बेची जा रही हैं। दुकानदार खुद ही मरीज की बीमारी सुनकर दवाई और नसीहत दोनों दे रहे हैं। छिंदवाड़ा कांड के बाद जो डर बना था, वह अब पूरी तरह खत्म हो गया है।
कहीं उमरिया के बच्चों पर न हो 'डेथ वारंट' साइन
जिस तरह से बिना रोक-टोक दवाइयां बिक रही हैं, उससे आशंका है कि कहीं छिंदवाड़ा जैसी घटना उमरिया में न दोहरा जाए, सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है क्योंकि कफ सिरप का दुरुपयोग सबसे ज्यादा नशे के लिए होता है, जिसे आम नागरिक आसानी से कहीं पर भी देख सकते हैं, यहां तक कि सरकारी दफ्तरों के इर्द-गिर्द घूमने वाले छोटे बच्चे इसका उपयोग करते पायें जाते हैं, जिसके बाद यह सवाल खड़ा होता है कि किस प्रकार से उमरिया में नशा खुलेआम परोसा जा रहा है।
सवाल अब भी बाकी :
???? 9 महीने से ड्रग इंस्पेक्टर उमरिया क्यों नहीं आ रहीं? किसके आदेश से सतना में बैठकर ही उमरिया में मेडिकल दुकानों और अन्य चीजों पर लगाम लग रही हैं?
???? अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं कराई जा रही है?
???? बिना पर्ची दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर पर छापा कब पड़ेगा? ???? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जिला प्रशासन की यह लापरवाही सीधे-सीधे नौनिहालों की जान से खिलवाड़ है, अगर समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?।
इनका कहना है..
प्रियंका मैडम ने लिखकर दिया है कि मेरे पास दो जिलों का प्रभार है, मैं उमरिया नहीं संभाल सकती हूं, नई मैडम की पोस्टिंग हो चुकी है वह ट्रेनिंग में भोपाल पर हैं, जल्द ही वह ज्वाइन करेंगीं, मेडिकल संचालकों को पत्र लिखकर निर्देशित किया जायेगा कि वह बिना डाक्टर पर्ची के दवाई नहीं दें। -डा. व्ही एम चंदेल, सीएमएचओ उमरिया
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