करेंट से हुई बाघिन की मौत मामले में शुक्रवार को हो सकता है खुलासा
उमरिया। वन विकास निगम के चंदिया रेंज में 07 वर्षीय बाघिन की करेंट से हुई संदिग्ध मौत का राज अब खुलने की कगार पर है। वन विभाग की जांच में अब साफ़ तौर पर ये खुलासा हुआ है कि बाघिन की मौत करंट लगने से ही हुई थी। इस सनसनीखेज मामले ने पूरे वन महकमे में हड़कंप मचा दिया है, वहीं शिकारी गिरोह पर भी शिकंजा कसता जा रहा है।
दरअसल घटना सोमवार को वन विकास निगम के कक्ष क्रमांक पी-827 (111) बीट चंदिया के पास सामने आई थी, जहां 07 वर्षीय बाघिन का शव संदिग्ध हालत में मिला था। शुरुआती जांच के बाद वन विभाग ने इसे गंभीर वन अपराध मानते हुए आधा दर्जन से अधिक लोकल संदिग्धों से पूछताछ की है।
सूत्रों के मुताबिक घटना स्थल से सटे ग्राम मझगवां के तीन से पांच आरोपी हिरासत में लिए जा सकते हैं, जबकि कुछ अन्य शिकारी अब भी रडार पर हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि करेंट से हुई बाघिन की मौत के बाद शिकारियों ने शव को घसीटकर दूसरे स्थान पर छिपाने की कोशिश भी की है, जिससे पूरे मामले ने और भी गंभीर मोड़ ले लिया है।
एनटीसीए (नई दिल्ली) और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, भोपाल के निर्देश पर घटना स्थल के आसपास डॉग स्क्वॉड के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया गया है। बीते सोमवार 07 अप्रैल को विशेषज्ञों ने पोस्टमार्टम कर सैंपल भी लिए और बाद में एनटीसीए गाइडलाइन के तहत मृत बाघिन का दाह संस्कार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को इस मामले से जुड़े 03 से 05 शिकारियों को हिरासत में लेकर वन विभाग अदालत में पेश कर सकता है, बाकी शिकारियों की गिरफ्तारी के लिए इन गिरफ्तार आरोपियों की रिमांड भी मांगी जा सकती है। बीते सोमवार को मिले बाघिन के शव की हालत देख ये साफ तौर पर कहा जा सकता है कि बाघिन की मौत हफ्ते भर पहले ही हो चुकी थी, यानी शिकारियों ने इस पूरी घटना को गत 28 मार्च के करीब ही अंजाम दे दिया था।
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