मुख्यमंत्री के आदेश का पालन हवा हवाई, खुलेआम बिक रहा मांस मछली
कानून बेबस, प्रशासन बेखबर, जनता बेहाल
उमरिया। प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों को उमरिया जिले में खुलेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरया के प्रोजेक्ट चौराहा एवं पाली स्वास्थ्य केंद्र के समीप सड़क किनारे खुले में मांस मछली और मुर्गे की दुकानें बेधड़क संचालित हो रही हैं। न कोई पर्दा न स्वच्छता न नियम सिर्फ बदबू गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही।
मुख्यमंत्री की ताजपोशी के तत्काल बाद जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि आबादी वाले क्षेत्रों एवं खुले में मांस मटन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारी मुख्यमंत्री के फरमान को रद्दी कागज समझ बैठे हैं। हालात यह हैं कि न ग्राम पंचायत गोरया न घुनघुटी और न ही पाली नगर पालिका ने आज तक मांस–मछली दुकानों के लिए कोई वैकल्पिक स्थल चिन्हित किया। विडंबना यह है कि केंद्र से लेकर प्रदेश और स्थानीय निकाय तक एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद बीच बाजार खुलेआम अंडे मांस और मछली की दुकानें संचालित हैं। स्वास्थ्य केंद्र के बगल में खुले इन ठिकानों से उठती दुर्गंध मरीजों महिलाओं और बच्चों के लिए मुसीबत बनी हुई है। राहगीरों को मुंह ढककर गुजरना पड़ रहा है पर प्रशासन की आंखों पर मानो पट्टी बंधी है।
स्वच्छता स्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा यह मुद्दा अब प्रशासनिक संवेदनहीनता का प्रतीक बनता जा रहा है। सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्री के आदेश केवल भाषणों तक सीमित हैं? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कभी कार्रवाई होगी? या फिर जनता बदबू और अव्यवस्था में जीने को मजबूर रहेगी? अब वक्त है कि जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागे अन्यथा यह लापरवाही किसी बड़े जन आक्रोश का कारण बन सकती है।
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