महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की बारात में शामिल हुआ 'काग भगोड़ा' बना चर्चा का विषय

स्थानीय लोगों ने मिल जुल कर किया ऐतिहासिक कार्य
उमरिया/मानपुर। विधानभा मुख्यालय नगर परिषद क्षेत्र के व्यापारी व सामाजिक बंधुओं ने मिल जुल कर महाशिवरात्रि के पावन पर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान भोलेनाथ की बारात बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ बाजे गाजे की धुन में भेष भूसा के साथ नचाते थिरकते भारी जनसमूह में भगवान भोले नाथ की बारात निकाली गई जो नगर के फारेस्ट ऑफिस के पास से चलकर जैसे ही बसस्टैंड पहुंची वहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बारात में एक से बढ़कर एक स्थानीय कलाकार शामिल थे जो अपने अनोखी छटा निखार लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे थे। जिसके बाद बारात मेन मार्केट होते हुए पुरानी बाजार पहुंची इसी दरमियान नगर के मुख्य मार्ग में लोग अपने अपने प्रतिष्ठान के ठीक सामने किसी ने हलुआ तो किसी ने खीर तो कहीं पानी एवं कोलड्रिंक की बेहतरीन व्यवस्था के साथ भगवान भोलेनाथ के बारात एवं साथ मे चल रहे जनसमूह के लिए स्थानीय लोगों ने खास इंतजाम किए थे। इतना ही नही सहर के बीचों बीच निकल रही भगवान भोलेनाथ की बारात में नंदी पर सवार भोलेनाथ की जगह जगह पूजा अर्चना बड़े ही भक्ति भाव और उत्साह के साथ की गई।
इस अवसर पर इस अनोखे कार्यक्रम में चार चांद लगाने एक कागभगोड़ा भी अचानक पहुंच गया जिसे देख कर ऐसा प्रतीत होता रहा की मानो किसान अपने खेत में पशु पक्षियों और बंदरो को डराने भगाने के लिए जैसे खेतों के बीच लकड़ी का खूंटा गाड़ सफेद बोरी पहना कर ऊपर काले कलर की मटकी लगा देता है ठीक उसी तरह दिखने वाला एक व्यक्ति अचानक शिव जी के बारात में प्रकट हो गया जिसे देख भीड़ में से किसी ने उसका नाम कागभगोड़ा रखा तो किसी ने कहा बतासे में चींटा घुसा है का नाम देकर उसे हंसी का पात्र बताया। बहरहाल कुछ भी कहो जब ऐसे व्यक्ति कार्यक्रम में आएंगे तो सोच सकते हैं बारात में लोगों को कितना आनंद न आया होगा खैर कुछ भी हो भोलेनाथ की शादी में शरीक हुए कागभगोड़ा को देखने से ऐसा लगा की भगवान भोलेनाथ की बारात देखने के लिए प्रेरित होकर किसी के खेत में बंदर भगाने के लिए लगा आइटम उठ कर भगवान भोलेनाथ की बारात में शामिल हों गया हो।
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