यज्ञ कर्म व गीता के सूत्र" हमारे सनातन परंपरा जीवन शैली के मुख्य अंग हैं --"महामंडलेश्वर भगत गिरी"

Feb 27, 2025 - 22:52
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यज्ञ कर्म व गीता के सूत्र" हमारे सनातन परंपरा जीवन शैली के मुख्य अंग हैं --"महामंडलेश्वर भगत गिरी"

अमलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि हर्स उल्लास के साथ मनाया गया

उमरिया।  जिले एवं डिंडोरी जिला के बीच स्थित "अमोलेशवर धाम आश्रम "यज्ञ कर्म व गीत के सूत्र हमारे सनातन परंपरा जीवन शैली के मुख्य अंग हैं। हमारे भारतीय समाज की एकता की ऊर्जा है ,शक्ति है, हमारे भौतिक उन्नति आध्यात्मिक व दार्शनिक स्वरूप के जीवंत व वैज्ञानिक स्वरूप है। *उक्त प्रेरणादाई विचार महामंडलेश्वर महंत श्री अमलेश्वर पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी श्री श्री 1008 श्री ( बच्चू महाराज )जी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर " शिव विवाह "के प्रतीकात्मक कार्यक्रम में वनांचल क्षेत्र के भक्त जनवा श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा व विश्वास के विशाल जनसमूह के मध्य व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे सनातन स्वरूप है, जो प्रकृति की शक्ति व परम सत्ता के 'एकत्व 'स्वरूप का अन्यत्र स्वरूप है, जिसमें भारतीय समाज प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग संरक्षण अपने विवेक शक्ति से अनादि काल से करता चला आ रहा है, यही हमारे जीवन शैली का मूल धरोहर है, हमारे रक्षक है हमारी उन्नति के दोनों भौतिक व आध्यात्मिक स्वरूपों की ऊर्जा है जो यज्ञ कर्म व गीता के सूत्रों द्वारा सम्मन्वित है, पूज्य स्वामी जी बच्चू महाराज जी ने श्रीकांत गीतानुरागी महाराज जी के व्यास पीठ से संगीत मय वातावरण में नवदिवशीय शत् चंडी महायज्ञ में वनांचल क्षेत्र में "गीता के सूत्रों "का आध्यात्मिक विश्लेषण अन्यत्र सरल व सहज भाषा में कर वनांचल क्षेत्र के भक्त जनों के मध्य कठिन माने जाने वाले गीता शास्त्र को अत्यंत सरल बनाकर उनके दैनिक जीवन विहार के विभिन्न समस्याओं व उनके समाधान की ओर प्रेरित किया वहीं यज्ञ आचार्य राम भूषण मिश्रा जी के याज्ञिक कर्म वा वैदिक क्रियाओं व वेद मंत्रों के स्वर उच्चारण उनके सहायकों द्वारा किए जाने की प्रशंसा भी की, क्षेत्रीय जनता के श्रद्धा भाव, विश्वास भाव ,सेवा भाव ,अनुशासित सेवक संघ समिति कैसे सेवादारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम सभी यज्ञ गीता के सूत्रों से जुड़े रहे, सुनते रहे, समझते रहे, अब बारी है, अपने दैनिक जीवन व्यवहार में सावधानीपूर्वक आचरण में चलने की आवश्यकता है। मेरी सभी को शुभकामनाएं, शुभाशीष आशीर्वाद बनी रहे, हमारी सनातन परंपरा सभी के सुखी होने समृद्धि होने व आपसी प्रेम सद्भाव को अवश्य बनाए रखने की है। भटके हुए लोगों को सद्मार्ग में लाने की एक अद्भुत विधा है। "आध्यात्मिक गुरु श्रीकांत गीतानुरागी" जी ने कार्यक्रम में व्यासपीठ से महाशिवरात्रि पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अमलेश्वर धाम में , हमारे प्राचीन ऋषि परंपरा व प्राकृतिक सौंदर्य का एक मुख्य केंद्र है। जो साधना तपस्या के अर्जित आध्यात्मिक संस्कारों व शक्ति से आध्यात्मिक संस्कारों को संपूर्ण मानव जाति के कल्याण पथ के निर्माण का मुख्य केंद्र बन रहा है, महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी जी ( बच्चू महाराज )जी के मार्गदर्शन में लटके हुए लोगों को सद्मार्ग में लाने के लिए मानव के मानसिक व भौतिक जीवन शैली के विचलन व तनाव को रोकने में सहायक सिद्ध हो रही है!

          अमलेश्वर धाम में इसके पूर्व गाजे बाजे व आधुनिक संसाधनों के साथ युवाओं, पुरुष, महिलाओं, हर्ष उल्लास के साथ शिव विवाह में सम्मिलित हुए, वहीं रात्रि में रुद्राभिषेक आश्रम में व रति जागरण वनांचल भक्तजनों द्वारा शिव भजन ,आध्यात्मिक भजनों द्वारा किया गया, प्रातः काल महामंडलेश्वर ( बच्चू महाराज )जी द्वारा अखाड़े का ध्वजा बांधवगढ़ क्षेत्र के विधायक शिव नारायण सिंह ( लल्लू भैया) के मुख्य अतिथि में चढ़ाया गया, साथ में शंत रतन गिरी महाराज, सेवा गिरी महाराज, कमला गिर महाराज, शंत योगी तीरथनाथ महाराज,एवं भारी संख्या में शंत महात्माओं, श्रद्धालुगण उपस्थित रहे, जिसमें मुख्य रूप से पूर्व सांसद व पूर्व कैबिनेट मंत्री ज्ञान सिंह, मानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक का सुश्री मीना सिंह, एवं कई जिलों से आए हुए श्रद्धालुजनों कई हजारों की संख्या पधार कर शत् चंडी महायज्ञ हवन पूजन परिक्रमा कर, शंकर भगवान भोलेनाथ शिव जी पूजा अर्चना करते हुए महराज जी पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किए, एवं कार्यक्रम पूर्णाहूति के बाद कई जगह विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़े भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किये, वही अमोल सेवक संघ समिति, एवं थाना नौरोजाबाद के थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्र जी के निर्देश पर पुलिस व्यवस्था सराहनीय रही।।

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