उमड़ा देश भक्ति का जनसैलाब, “एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में गूंजे वन्देमातरम की स्वर
वीरों के सम्मान में भावुक हुआ जनसमूह
उमरिया। शहीद दिवस के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय उमरिया देशभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया, जब मातृ वंदना सेवा समिति एवं जन गण स्वाधीनता मंच के संयुक्त तत्वाधान में “एक शाम शहीदों के नाम” जैसे भव्य, गरिमामयी और भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, त्याग और बलिदान की जीवंत अनुभूति बनकर सामने आया, जिसमें हर उपस्थित व्यक्ति ने गर्व, सम्मान और भावुकता के साथ सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों एवं राष्ट्र की रक्षा में समर्पित सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही शहीदों के परिजनों एवं सेना में कार्यरत तथा सेवा निवृत्त जवानों का सम्मान कर उनके योगदान को नमन किया गया। आयोजन स्थल पर हर ओर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया।
ऐतिहासिक गौरव से जुड़ी मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की विशेषता रही काकोरी कांड के महानायक स्व. शचींद्रनाथ बक्सी की पौत्री (वंशज) माननीय मीता बक्सी जी की गरिमामयी उपस्थिति। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारे वर्तमान और भविष्य की नींव है। हमें उनके आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए।” उनकी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक महत्व प्रदान किया और लोगों में गर्व की भावना को और अधिक प्रबल किया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी सहभागिता
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, मध्यप्रदेश के सचिव रामेंद्र जी एवं उमरिया जिला कलेक्टर धरणेंद्र जैन उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने अपने उद्बोधन में शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को एक नई दिशा देते हैं और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करते हैं। उन्होंने आयोजक समिति के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
राष्ट्रभक्ति के सुरों से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ हुई। इसके पश्चात भारत माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने खड़े होकर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। माहौल इतना भावुक था कि हर व्यक्ति अपने भीतर देशप्रेम की भावना को महसूस कर रहा था।
ओजस्वी कवियों की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध ओजस्वी कवियों ने अपनी काव्य प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। *राष्ट्र पुत्री समीक्षा सिंह जी ने अपनी मार्मिक और प्रेरणादायक कविता से शहीदों के बलिदान को जीवंत कर दिया। इसके पश्चात राम भदावर जी ने अपने ओजपूर्ण अंदाज में देशभक्ति का जोश भर दिया। वहीं सुमित ओरछा जी ने अपनी प्रस्तुति से युवाओं में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई। कवियों की प्रस्तुतियों के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और “भारत माता की जय” के नारे लगातार गूंजते रहे। हर कविता के साथ श्रोताओं के भीतर देशभक्ति का जज्बा और अधिक प्रबल होता गया।
शहीद परिवारों का सम्मान: भावनाओं से भर गया वातावरण
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब शहीदों के परिजनों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा पंडाल खड़ा हो गया और तालियों की गूंज से वातावरण गूंज उठा। कई लोगों की आंखें नम हो गईं, क्योंकि यह क्षण उन बलिदानों को याद करने का था, जिनकी वजह से आज हम स्वतंत्र हैं।
सैनिकों का सम्मान: गर्व से झूम उठा मंच
कार्यक्रम में सेना में कार्यरत एवं सेवा निवृत्त जवानों का भी सम्मान किया गया। समिति ने उनके अदम्य साहस और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर दिन-रात तैनात सैनिक ही हमारे राष्ट्र की सुरक्षा के असली प्रहरी हैं। इस सम्मान ने पूरे आयोजन को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।
समाज के हर वर्ग की रही सहभागिता
इस भव्य आयोजन में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य, युवा, महिलाएं और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। हर किसी ने एकजुट होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।
राष्ट्रप्रेम का संदेश, नई पीढ़ी को मिली प्रेरणा
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। यह आयोजन युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर सामने आया, जिसने उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया।
आयोजकों के प्रयासों की हुई भूरी-भूरी सराहना
मातृ वंदना सेवा समिति एवं जन गण स्वाधीनता मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों ने मुक्तकंठ से सराहना की। आयोजन की भव्यता, अनुशासन और देशभक्ति से ओतप्रोत माहौल ने सभी के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी। "देशभक्ति का अमर संदेश" कार्यक्रम के अंत में पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। हर ओर एक ही स्वर गूंज रहा था— “शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा।” इसी भावपूर्ण वातावरण के बीच कार्यक्रम का समापन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ भारत माता की आरती कर किया गया। उपस्थित सभी जनों ने एक स्वर में आरती गाकर राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया। यह क्षण इतना भावुक और प्रेरणादायक था कि हर व्यक्ति के हृदय में देशप्रेम की ज्योति और प्रज्वलित हो उठी।
What's Your Reaction?