परीक्षा परिणामों में अराजकता पर एनएसयूआई का हल्लाबोल प्रदर्शन
हजारों छात्रों का भविष्य अधर में, उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उमरिया। मध्यप्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलताओं के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) जिला उमरिया ने आज जोरदार विरोध दर्ज कराया। जिले के महाविद्यालयों में जारी परीक्षा परिणामों में भारी गड़बड़ियों, शून्य परिणाम एवं लंबित नतीजों को लेकर एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर महोदय के माध्यम से ज्ञापन सौंपा और सरकार से तत्काल जवाबदेही तय करने की मांग की।
एनएसयूआई का आरोप है कि सरकार के अधीन संचालित विश्वविद्यालयों की लापरवाही के चलते उमरिया जिले के हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में चला गया है। पं. शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा घोषित बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम. प्रथम वर्ष के परिणामों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अंक “शून्य” दर्शाए गए, जबकि उन्होंने नियमित रूप से परीक्षाएं दी थीं। वहीं अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से संबद्ध महाविद्यालयों के परिणाम बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम. प्रथम वर्ष, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के परिणाम आए उनमें बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं के परिणाम शून्य एवं फैल दर्शाया गया। जबकि कुछ छात्रों से वचन पत्र लेकर परीक्षाएं कराई गई थीं उनके रिजल्ट आज तक नहीं आए।
उच्च शिक्षा व्यवस्था चौपट, सरकार मौन–एनएसयूआई
एनएसयूआई ने कहा कि परिणामों में हुई इस अव्यवस्था के कारण छात्रों के उच्च शिक्षा में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाएं, छात्रवृत्ति और रोजगार सभी प्रभावित हो रहे हैं। छात्रों में मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन मौन साधे बैठे हैं। संगठन ने इसे छात्र विरोधी नीति करार देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।इस अवसर पर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—मध्यप्रदेश सरकार की लापरवाही ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। शून्य परिणाम और लंबित नतीजे साफ दिखाते हैं कि सरकार छात्रों के भविष्य के प्रति कितनी असंवेदनशील है। अगर शीघ्र परिणामों में सुधार नहीं किया गया तो भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई जिला-उमरिया सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।सरकार नहीं चेती तो होगा चरणबद्ध आंदोलन एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द से जल्द परीक्षा परिणामों में सुधार नहीं किया, तो संगठन जिला से प्रदेश स्तर तक चरणबद्ध आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई आईटी सेल अध्यक्ष कृष्ण कांत तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष अम्बर शुक्ला, कॉलेज अध्यक्ष ओम असाटी, कॉलेज कार्यवाहक अध्यक्ष अनुज वर्मा, खुशी मोगरे कॉलेज अध्यक्ष, शीतला प्रताप कॉलेज अध्यक्ष अनुराग तिवारी, ब्लॉक उपाध्यक्ष कृष्णा रजक, सचिव राजा कोल, कॉलेज महासचिव आंचल चौधरी, रोहिनी सिंह सचिव, कॉलेज सचिव पल्लवी असाटी, बिलाल खान, दीपेंद्र महोबिया, मुस्कान महोबिया, सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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