नशे से दूरी है जरूरी 2.0, शासकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने रचनात्मक तरीके से दिया नशा मुक्ति का संदेश
*"नशे से दूरी है जरूरी 2.0" शासकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं ने रचनात्मकता से दिया नशामुक्त समाज का संदेश*
उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्राओं, अभिभावकों एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और नशा मुक्ति के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत रील्स निर्माण, लघु फिल्म प्रदर्शन, डॉक्यूमेंट्री फिल्म स्क्रीनिंग, जागरूकता व्याख्यान, निबंध लेखन, स्लोगन लेखन तथा पोस्टर निर्माण जैसी रचनात्मक एवं वैचारिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से संदेश प्रसारित किया गया।प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया।पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान क्रिस्टीना सवालदे, स्लोगन निर्माण प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान मिताक्षरा काकोडिया, एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जया साहू ने प्राप्त किया ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ . आर. एस. मेहरा ने कहा कि
एक स्वस्थ और समृद्ध समाज का आधार हमारी नशामुक्त युवा पीढ़ी है। युवा ही समाज के दिशा निर्धारक है। उच्च शिक्षा विभाग की यह पहल छात्राओं को न केवल स्वयं जागरूक बनाने बल्कि समाज में बदलाव की अग्रदूत बनने का अवसर देती है।
कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती प्रेमलता पाटिल ने बताया कि जागरूकता ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है कला और विचारों की अभिव्यक्ति के माध्यम से संदेश सीधे दिल तक पहुँचता है। इन प्रतियोगिताओं के जरिए छात्राओं ने नशा मुक्ति के प्रति जो संदेश दिया है, वह सराहनीय है।
कार्यक्रम संचालक डॉ. शिरीष परसाई ने कहा कि रील्स, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल मीडिया के इस दौर में युवाओं को उन्हीं की भाषा में सही दिशा दिखाना समय की आवश्यकता है। महाविद्यालय रचनात्मकता के माध्यम से समाज से नकारात्मकता को मिटाने का प्रयास कर रहा है, और हमारी छात्राएँ इस नशामुक्त संदेश को घर-घर तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाएँगी।
कार्यक्रम आयोजक डॉ. संजय आर्य ने कहा कि नशे के विरुद्ध इस मुहिम में अभिभावकों और आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। जब परिवार जागरूक होगा, तभी एक नशामुक्त वातावरण तैयार हो सकेगा, क्योंकि एक सशक्त और जागरूक परिवार ही नशामुक्त समाज की मजबूत नींव रखता है।"
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक सहित बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
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