किसानों को समस्या हुई तो बर्दाश्त नहीं- कलेक्टर
खरीदी केन्द्र प्रभारियों को डीएम की दो टूक
उमरिया। जिले में इन दिनों गेंहू खरीदी कराई जा रही है, केन्द्रों पर किसान गेंहू लेकर जा रहे हैं और तौल कराते हुए बेच रहे हैं, वहीं अधिकांश खरीदी केन्द्रों पर तौल में गड़बड़ी और अवैध वसूली की भी शिकायतें लगातार आ रही हैं, जिसके कारण किसान परेशान हैं। जिले में सर्वर की समस्या तो आम हो चुकी है, अभी भी इस तकलीफ का निदान नहीं हो पाया है, जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। इसी प्रकार ग्रामीण इलाकों में हो रही गेंहू की खरीदी में किसानों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर बात करें तो पता लगता है कि बिना पैसे और बिना चंदा दिये किसान अपना एक किलो अनाज भी बेच नहीं पायेगा।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो अफसर इसके लिए जिम्मेदार माने जायेगें। इसी कड़ी में कलेक्टर उमरिया श्रीमती राखी सहाय मानपुर के नौगवां गेंहू खरीदी केन्द्र अचानक पहुंच गईं, जहां खरीदी केन्द्र प्रभारी की लापरवाही स्पष्ट देखने को मिली, प्रभारियों का जबाव और सामने दिखाई देने वाले दृश्य में तालमेल नहीं बैठने के कारण प्रभारी को जमकर लताड़ा, वहीं खाद्य विभाग को स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसानों को कोई भी तकलीफ़ हुई या फिर शिकायतें मिली तो इसके लिए किसी को बक्शा नहीं जायेगा। खरीदी केन्द्र नौगवां में कलेक्टर के सामने ही किसानों को सहुलियत और अच्छी व्यवस्था की पोल खुल गई, मैडम ने जैसे ही गेंहू की बोरी तौल के लिए कांटे पर रखा वैसे ही कांटा भी कांपने लगा और यह नहीं बता पाया कि इस बरदाने में कितना गेंहू भरा है, इस लचर व्यवस्था के लिए कलेक्टर मैडम ने मौजूद अधिकारियों की जमकर क्लास ली और सख्त हिदायत दी की यह अब नहीं चलेगा। इस दौरान नौगवां खरीदी केन्द्र पर कई कमियां पाई गईं, जिन्हें दुरुस्त करने स्वयं कलेक्टर निर्देशित कर रहीं हैं।
कलेक्टर के इस अंदाज से भले ही ढीठ हो चुके खरीदी प्रभारियों को कोई फर्क न पड़े, लेकिन किसानों के मन में एक आस जरुर जागी है कि अब ठीक होगी व्यवस्था और जिला। बहरहाल जो भी हो लगातार जिले के मुखिया का गांवों और खरीदी केन्द्र जैसे महत्वपूर्ण जगहों पर औचक निरीक्षण करना, आने वाले समय के लिए शुभ संकेत माने जा रहे हैं।
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