नर्मदापुरम पुलिस की सार्थक पहल से सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी
नर्मदापुरम - राष्ट्रीय स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में प्रतिवर्ष 10% की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की चुनौती को देखते हुए नर्मदापुरम जिला भी विशेष ध्यान देने योग्य जिलों में शामिल था। इसी अनुक्रम में दिनांक 02 जून 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष द्वारा जिले में बैठक आयोजित कर सड़क सुरक्षा नियमों के सख्त पालन एवं जनजागरूकता बढ़ाने एवं सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु में कमी लाने के निर्देश दिए गए थे।
उक्त निर्देशों के पालन में नर्मदापुरम पुलिस द्वारा विभिन्न विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई एवं जागरूकता अभियान चलाए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
सड़क दुर्घटना एवं मृत्यु दर में कमी:
वर्ष 2025 (जनवरी–मार्च) में 272 दुर्घटनाओं में 79 मृतक एवं 272 घायल हुए थे, जबकि वर्ष 2026 की इसी अवधि में दुर्घटनाएं घटकर 227, मृतक 56 एवं घायल 276 रहे। इस प्रकार दुर्घटनाओं में 16.54% एवं मृतकों की संख्या में 29.11% की कमी दर्ज की गई है।
यातायात जागरूकता अभियान:
दुर्घटना-बहुल और ज्यादा मृत्यु दर वाले क्षेत्रों की पहचान कर उन क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। तीन माह की अवधि में कुल 72 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों, छात्रों, सड़क उपयोगकर्ताओं और चालकों को यातायात नियमों एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं जैसे राहवीर योजना, कैशलेस उपचार योजना एवं हिट एंड रन प्रतिकर योजना की जानकारी दी गई।
चालानी कार्यवाही में वृद्धि:
सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मृत्यु दोपहिया वाहन चालकों की होती है और ऐसे मृतकों में 80 प्रतिशत हेलमेट नहीं पहने होते हैं
इस प्रकार हेलमेट न पहनना दुर्घटनाओं में मृत्यु का प्रमुख कारण पाया गया। इस क्षेत्र में पहल करते हुए पहले हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया गया, द्वितीय चरण में निःशुल्क 1200 से अधिक हेलमेट का वितरण किया गया इस के उपरान्त हेलमेट नहीं लगाने वालों के लिए विशेष अभियान चलाते हुए 5689 हेलमेट चालान किए गए तथा 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। नर्मदापुरम पुलिस के अथक प्रयास के उपरान्त अभी भी हेलमेट के प्रति जागरूकता का अभाव है और अधिकांश दोपहिया वाहन चालक हेलमेट की उपयोगिता और आवश्यकता से अनभिज्ञ हैं। दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा की दृष्टि से की जाने वाली इसी कार्यवाही का सब से अधिक विरोध किया जाता है।
वर्ष 2026 में मार्च तक कुल 8465 चालान कर 32,68,300 रुपये का जुर्माना किया गया है, जबकि वर्ष 2025 में इसी अवधि में 3531 चालान कर जुर्माना 15,93,200 रुपए किया गया था।
इस प्रकार चालानी कार्यवाही पिछले वर्ष के तीन माह की तुलना में 139.73% अधिक है और जुर्माना राशि 105.14 प्रतिशत ज्यादा है ।
सीपीआर प्रशिक्षण अभियान:
सीपीआर CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) एक जीवनरक्षक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसका उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस (breathing) या दिल की धड़कन (heartbeat) रुक जाती है।
दुर्घटना बहुल क्षेत्रों CPR प्रशिक्षण इसलिए जरूरी था, क्योंकि सड़क दुर्घटना मे किसी व्यक्ति का दिल रुकने के बाद पहले 4–6 मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सही समय पर CPR देने से जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
अक्सर एम्बुलेंस आने में समय लग सकता है। ऐसे में आसपास मौजूद व्यक्ति यदि CPR जानता है, तो वह तुरंत सहायता दे सकता है।
CPR के लिए डॉक्टर होना जरूरी नहीं है। सही प्रशिक्षण से कोई भी व्यक्ति इसे कर सकता है।
सड़क दुर्घटना की स्थितियों में CPR बेहद मददगार है।
सबसे महत्वपूर्ण है कि CPR प्रशिक्षण लेने से सड़क दुर्घटना की स्थिति या आपातकाल में क्या करना है, यह स्पष्ट रहता है—घबराहट कम होती है और निर्णय तेजी से लिया जा सकता है।
उक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में जीवन बचाने हेतु दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में सीपीआर प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। विगत तीन माह में 110 सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर 3625 नागरिकों को प्रशिक्षित किया गया।
इस पहल का सकारात्मक परिणाम भी सामने आया, जहाँ एक प्रशिक्षित व्यक्ति नर्मदापुरम निवासी प्रमोद कुमार दुबे द्वारा समय पर सीपीआर देकर एक नागरिक अम्बा प्रसाद कुशवाह का जीवन बचाया गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली सुरक्षा अभियान:
कृषि प्रधान जिला होने से इस जिले में ट्रैक्टर-ट्रॉली से होने वाली दुर्घटनाओं आम है, इस जिले में ट्रेक्टर ट्रालियों से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण ‘रिफ्लेक्टर/लाइट की कमी’ पाई गई है, इस जिले में प्रत्येक दो ट्रेक्टर दुर्घटनाओं में एक व्यक्ति की मृत्यु होती है और तीन व्यक्ति घायल होते हैं
ट्रेक्टर ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर न होने से दिनांक 17-01-26 को सोहागपुर में एक दुर्घटना घटित हुई थी जिसमें ग्राम आमदेही के तीन छात्रों की मृत्यु हो गई थी
इस प्रकार की स्थिति को देखते हुए ट्रेक्टर ट्रॉली में सुधार एवं ट्रेक्टर से संबंधित कृषकों के लिए “सुरक्षित ट्रैक्टर ट्रॉली – सुरक्षित किसान” नाम से नर्मदापुरम पुलिस द्वारा अभियान चलाया गया।
इसके अंतर्गत 51 कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 1200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर निःशुल्क रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए तथा चालकों, ट्रेक्टर स्वामियों और कृषकों आवश्यक सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया
ट्रेक्टर के कागजात और कमियों की पूर्ति हेतु समझाइश दी गई साथ ही यातायात नियमों और शासन की विभिन्न योजनाओं से जागरूक किया गया
नर्मदापुरम पुलिस के सतत प्रयास, जन जागरूकता अभियान, जनसहभागिता एवं सख्त प्रवर्तन के परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायी सिद्ध हो सकती है।
नर्मदापुरम पुलिस द्वारा उक्त अभियान सतत रूप से चलाया जाएगा ताकि भविष्य में भी दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को नियंत्रित रखा जा सके
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