नेशनल लोक अदालत संपन्न

Sep 13, 2026 - 10:25
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नेशनल लोक अदालत संपन्न

उमरिया।  ‘‘न्याय आपके द्वार‘‘ कराने की अवधारणा को साकार रूप प्रदान करने के लिये प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रियदर्शन शर्मा के निर्देशन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया । नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु 11 खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिसमें से 8 जिला न्यायालय उमरिया में 2 खण्डपीठ तहसील न्यायालय बीरसिंहपुर पाली एवं 1 खण्डपीठ तहसील न्यायालय मानपुर में गठित की गई।

          नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रियदर्शन शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय द्वारा मॉ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस अवसर पर पुष्पराज सिंह, अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ उमरिया, नजमा बेगम, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अहमद रजा, नोडल अधिकारी नेशनल लोक अदालत/द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, स्वाति कुशल धारीवाल, विशेष न्यायाधीश/तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीष, मोहन डावर, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दीपक कुमार अग्रवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट उमरिया, वीणा खलखो, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीष वरिष्ठ खण्ड, श्री आषीष धुर्वे, तृतीय व्यवहार न्यायाधीष वरिष्ठ खण्ड, सरफराज खान, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीष कनिष्ठ खण्ड, श्रीमती पल्लवी सिंह, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीष कनिष्ठ खण्ड, जिविसेप्रा के कर्मचारीगण, जिला न्यायालय के कर्मचारीगण, पैनल अधिवक्ता/सुलहकर्ता अधिवक्ता, लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम के कर्मचारीगण एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे, उपस्थित समस्त जनों के अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये। कार्यक्रम के अंत में उल्लास कार्यक्रम में सम्मिलित विजेता न्यायाधीशगण एवं कर्मचारीगण को शील्ड एवं पुरस्कार वितरित किया गया।

          जिला न्यायालय अंतर्गत मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में से कुल 430 प्रकरण लोक अदालत में रेफर किये गये थे, जिसमे से 267 प्रकरणों में कुल मिलाकर - 8860069 रूपये का एवार्ड पारित किया गया ।  धारा 138 के अंतर्गत 37 रैफर प्रकरणों में 15 प्रकरण निराकृत हुये तथा 2081549 रूपये की राशि के एवार्ड पारित किये गये। न्यायालय में लंबित आपराधिक समनीय मामलों में 117 प्रकरण रखे गये जिसमें से 110 का निराकरण हुये। वैवाहिक प्रकरणों के निराकरण हेतु -18- प्रकरण रखे गये जिसमें से 10 प्रकरण राजीनामा के आधार पर निराकृत हुये और 10 लोग लाभांवित हुये। अन्य प्रकरणों में 32 प्रकरण रखे गये, जिसमें 27 प्रकरण निराकृत हुये, जिसमें से 45000रूपये का एवार्ड पारित किया गया। सिविल प्रकरणों मंे 22 प्रकरण रखे गये, जिसमें से 7 प्रकरण निराकृत किया गया, जिसमें 270000अवार्ड हुआ। इस प्रकार कुल मिलाकर न्यायालय में लंबित प्रकरणों में 430प्रकरण रखे गये जिसमें से 267 प्रकरण निराकृत हुये तथा 8860069रूपये का एवार्ड राशि पारित हुई ।

          प्रीलिटिगेशन स्तर पर बैंक रिकवरी के 350 प्रकरण में से 316 प्रकरण निराकृत हुये तथा 6809000 रूपये की राशि बैंको में जमा हुई इसी तरह नगरपालिका के जलकर के 70 प्रकरणों में से 51 प्रकरण निराकृत हुये और 112702 रूपये की वसूली की गई। संपत्तिकर में 104 प्रकरण रखे गये, जिसमें से 48 निराकृत किये गये, उक्त प्रकरणों में 850000 राशि का अवार्ड पारित किया गया। आयोजित नेशनल लोक अदालत सफल रही और न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में कमी आई।

          प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में लंबित एक हिन्दू विवाह अधिनियम से संबंधित प्रकरण में प्रियदर्शन शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमरिया द्वारा पक्षकारों को विशेष समझाईश दी गई।

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