क्षत-विक्षत शव की हुई पहचान, आदिवासी बहन ने लगाई हत्या की आशंका
उमरिया। शनिवार दोपहर करकेली स्थित सिद्ध बाबा के पास मिले क्षत-विक्षत इंसानी शव की आखिरकार पहचान हो गई है। मृतक की पहचान सेहरा टोला, करकेली निवासी सूरज बली पिता अशोक बैगा उम्र करीब 28 वर्ष के रूप में हुई है। शव की हालत इतनी खराब थी कि चेहरा तक पहचान में नहीं आ रहा था। शरीर पर कीड़े पड़ चुके थे और शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था, जिसके चलते शिनाख्त करना पुलिस और परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। शिनाख्त के बाद मृतक के परिजनों ने कुछ स्थानीय युवकों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए आशंका जताई है कि सूरज बली की हत्या के बाद शव को सुनसान स्थान पर लाकर फेंका गया। हालांकि पुलिस ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है।बताया जा रहा है कि सूरज बली के नाम से बोलेरो और पिकअप वाहन फाइनेंस कराए गए थे। परिजनों का आरोप है कि वाहनों की फाइनेंसिंग से जुड़े आर्थिक विवाद के चलते ही उसकी हत्या की गई होगी। मृतक की बहन प्रीति ने जिला अस्पताल में जो आरोप लगाए, वे बेहद गंभीर हैं।उसका कहना है कि उसके भाई के साथ पहले भी कई बार जानलेवा हमला हो चुका है,और इस बार भी वही लोग उसे घर से अपने साथ लेकर गए थे। इसके बाद कई दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला और फिर उसका क्षत-विक्षत शव मिला। प्रीति का आरोप है कि उसके भाई के नाम पर वाहन फाइनेंस कराए गए थे और रकम चुकाने से बचने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसका फैसला जांच के बाद ही होगा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के साथ फोरेंसिक जांच भी कराई है और मामले के हर पहलू को खंगाला जा रहा है, लेकिन यह घटना कई असहज सवाल छोड़ गई है। यदि परिजनों के आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो मामला सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आदिवासी परिवारों के नाम पर होने वाली वाहन फाइनेंसिंग और उनकी आर्थिक मजबूरियों के कथित इस्तेमाल पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे। आखिर जिन योजनाओं का उद्देश्य आदिवासियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, कहीं वही व्यवस्था उनके नाम और मजबूरी का फायदा उठाने का जरिया तो नहीं बन रही? इन सवालों का जवाब अब पुलिस जांच और सामने आने वाले तथ्यों से ही मिलेगा।
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