व्यापारी हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं — कैट को अपना प्रत्याशी उतारने पर चर्चा तेज
उमरिया। नगर पालिका अध्यक्ष के आगामी चुनाव को लेकर व्यापारी समाज के बीच चर्चा तेज है। ऐसे समय में यह सवाल स्वाभाविक है कि वर्षों से शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले व्यापारियों के हितों की आवाज़ आखिर कौन उठाएगा?
व्यापारी वर्ग शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन दुर्भाग्य से आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने व्यापारी हितों को वह प्राथमिकता नहीं दी, जिसकी व्यापारी समाज अपेक्षा करता है। व्यापारियों की समस्याएँ—बाजार की मूलभूत सुविधाएँ, पार्किंग, अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, व्यापारिक लाइसेंस एवं स्थानीय स्तर पर अनावश्यक परेशानियाँ—लगातार बनी हुई हैं।
जानकारी अनुसार व्यापारी वर्ग चाहता है कि अब समय आ गया है कि व्यापारी समाज केवल राजनीतिक दलों से उम्मीद लगाने के बजाय अपनी ताकत और एकजुटता का परिचय दे। यदि राजनीतिक दल व्यापारी हितों को अपने एजेंडे में उचित स्थान नहीं देते हैं, तो कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) को गंभीरता से विचार करना चाहिए कि नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में व्यापारी समाज की ओर से अपना एक सक्षम, ईमानदार और संघर्षशील प्रत्याशी मैदान में उतारा जाए।
व्यापारी वर्ग का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि जो भी व्यापारी हितों, शहर के विकास और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध होगा, व्यापारी समाज उसी का समर्थन करेगा और यदि कोई भी राजनीतिक दल व्यापारी समाज की अपेक्षाओं और हितों को गंभीरता से नहीं लेता, तो व्यापारी समाज के पास अपना स्वतंत्र विकल्प खड़ा करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। व्यापारी एकजुट होगा, तभी उसकी आवाज़ मजबूत होगी।
व्यापारी हित सर्वोपरि —
कैट की ताकत, व्यापारी की आवाज़। अब समय है कि हम केवल वोट देने वाले न रहें, बल्कि निर्णय लेने की भूमिका में भी आएँ।
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