बांधवगढ़ प्रबंधन को ही नहीं है बाघों की पहचान...?
इस घटना से अब बाघों की गणना में भी उठ रहे सवाल
उमरिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व किए गए रेस्क्यू में दमना बीट से जिस मादा बाघ को रेस्क्यू करना था उसकी जगह दूसरे मादा बाघ का रेस्क्यू कर लिया गया उसके बाद वन्य जीव प्रेमियों के दवाब पर उस बाघिन को वापस आज छोड़ दिया गया।
इस रेस्क्यू प्रोसेस में बाघ को ट्रकलाइज करने के दौरान जान भी जा सकती थी, आखिर अब सवाल यह उठता है कि ऐसे में इसका जिम्मेदार कौन होता या इस घटना को भी आपसी संघर्ष बता कर खत्म कर दिया जाता।
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