चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को रखना होगा चुनाव खर्च का लेखा-जोखा : डीसी डॉ. संगीता

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को रखना होगा चुनाव खर्च का लेखा-जोखा : डीसी डॉ. संगीता

कैथल।  जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल ने कहा कि नगर परिषद व नगर पालिका में प्रधान व पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च का लेखा-जोखा रखना होगा और इसे 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा। सभी उम्मीदवार अपने चुनावी-खर्च का लेखा बनाकर रखेंगे और चुनाव का परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर उसे जमा करवाएंगे। ऐसा नहीं करने वाले उम्मीदवार 5 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
          जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इन चुनावों का संचालन एम-2 टाईप ईवीएम के माध्यम से किया जाएगा। चुनावी उम्मीदवार का प्रिंट फोटोग्राफ बैलेट पेपर पर तथा अन्य ब्यौरे के साथ ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट पर प्रदर्शित होगा। इन चुनावों में भी 'नोटा के विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव परिणाम घोषित करने से पहले "नोटा" एक 'काल्पनिक चुनावी उम्मीदवार के रूप में समझा जाता है। यदि किसी निर्वाचन में चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवार व्यक्तिगत रूप से "नोटा" से कम वोट प्राप्त करते हैं तब चुनाव लड़ने वाले किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। "नोटा" और चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार सबसे ज्यादा या बराबर वैध वोट प्राप्त करते हैं, ऐसी स्थिति में चुनाव लड़ने वाला उम्मीदवार (न कि 'नोटाÓ) निर्वाचित घोषित किया जाएगा।
          उन्होंने बताया कि नए चुनाव में ऐसा कोई भी उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करने के योग्य नहीं होगा, यदि उसने कुल वोट पहले चुनाव में 'नोटा' के मुकाबले कम प्राप्त किए हैं। 'नोटा' दुबारा उच्चतम वोट प्राप्त करता है तो दूसरी बार चुनाव नहीं करवाया जाएगा और उच्चतम वोट प्राप्त करने वाले उम्मीदवार ('नोटा' को छोड़कर) को निर्वाचित उम्मीदवार के रूप में घोषित कर दिया जाएगा।

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