भनपुरा जलाशय मे जमीन के बदले जमीन संवाद  सम्पन्न

भनपुरा जलाशय मे जमीन के बदले जमीन संवाद  सम्पन्न

उमरिया।   जिले मे जल संसाधन विभाग के द्वारा बनाये गये बांधो की सच्चाई सामने लाने के लिये प्रसिद्ध समाज सेवी आदिवासी नेता बाला सिंह तेकाम ने 20 अगस्त 22 को करकेली विकास खण्ड के खोह जलाशय से जमीन के बदले जमीन संवाद सुरू की है। अब तक तेकाम ने खोह, चंगेरा चंडाली उमरार घोघरी अतरिया भनपुरा बांध मे प्रभावित किसानो से संवाद किया है वे सभी बांधो की यात्रा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगे।

          बाला सिंह तेकाम ने 25 सितंबर 2022 को भनपुरा जलाशय मे आयोजित जमीन के बदले जमीन संवाद मे कहा कि आदिवासियो की जमीन उमरिया जिले मे बांध नहरो के नाम पर हजारो एकड जमीन एकतरफा और मनमानी अधिग्रहण किया गया है।इस मामले मे आदिवासियो के हित संरक्षण संवर्धन के लिए बने कानूनो का खुला उल्लंघन किया गया है।  प्रभावित किसानो मे किसी को नोटिफिकेशन, सूचना मुनादी डुग्गी दाबा आपत्ति के संबंध मे कोई जानकारी नही है।  जमीन अधिग्रहण करने के पश्चात उस आदिवासी के पास कितनी जमीन शेष है इसकी तहकीकात नही की गई है यह आदिवासियो के सरासर धोखाधड़ी हुई है।पुनर्वास के नियमो की भी अनदेखी की गई है। आदिवासियो को प्राथमिकता के आधार पर जमीन के बदले जमीन मिलनी चाहिए थी जिस पर विचार नही किया गया। पिछले  10--15 वर्षो मे जितने बांध बनाये गये वे सारे के सारे दूर वनांचलो के आदिवासियो के जमीन पर बनाये गये है जिन बांधो नहरो के निर्माण मे अरबो के भ्रष्टाचार की बू आ रही है। एक तो किसी भी बांध मे उसके लागत की शिला पट्टी व बोर्ड नही लगाये गए है यह आशंका को और भी पुख़्ता करता है आखिर जनता से लागत क्यो छिपाई गई जैसा कि खोह के किसानो ने कहा कि भूमि पूजन के एक पत्थर लाया गया था जिसमे  80 करोड 65 लाख रुपया लागत लिखा हुआ था जिस पत्थर को अधिकारी वापस ले गये।      

          ज्ञात हो कि जिले के करकेली विकास खण्ड मे 13 बांध बनाये गए जिनमे कयी अधूरे है कयी फूटे पडे है कोई ऐसा बांध नही है जिनमे रिसाव ना होता है।बांधो के गुणवत्ता पर स्थानीय लोग ही सवाल खडे कर रहे है वही इन बांधो के मुआवजा वितरण   भी अब तक निपटाये नही जा सके है। यह सरकार का काम था समलायत खातो का बटनवारा व नामांतरण समय पर किया जाता ऐसा नही किये जाने से किसान तहसीली के चक्कर लगा रहे है ।             बांधो नहरो मे गयी जमीन के बदले जमीन  की लडाई लड रहे आदिवासी  नेता बाला सिंह तेकाम इन बांधो के संबंध मे कहा है कि बांध नहरो के नाम पर अरबो खरबो के भ्रष्टाचार के लिए आदिवासी वाहुल्य उमरिया जिले चुनाव किया गया। अब तक जल संसाधन विभाग के द्वारा बनाए गये बांधो की उच्च स्तरीय जांच कराया जाना चाहिए वही आदिवासियो को जमीन के बदले जमीन दिया जाना चाहिए। तेकाम ने कहा है कि उन्हे भरोसा है कि जब वे रिपोर्ट प्रस्तुत करेगे तो मुद्दे को कांग्रेस  पार्टी प्राथमिकता उवायेगी अभी वे पूरे बांधो व प्रभावित किसानो तक पंहुचना चाहते है।